राही पब्लिकेशन ने ब्लूरे मीडिया के सहयोग से महिला सशक्तिकरण पर आधारित बहुप्रतीक्षित संकलन “हर स्टोरी–हर पावर”* का भव्य लोकार्पण * दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर* के सी.डी. देशमुख सभागार में आयोजित समारोह में किया। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 50 प्रेरणादायी महिलाओं को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए “वूमन ऑफ विज़न 2026” सम्मान से भी सम्मानित किया गया।
यह पुस्तक शिक्षा, प्रशासन, मीडिया, उद्यमिता, समाजसेवा, साहित्य, स्वास्थ्य और कला सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और प्रेरणादायी जीवन-यात्राओं का संकलन है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. संदीप मारवाह, चांसलर, एएएफटी यूनिवर्सिटी ऑफ मीडिया एंड आर्ट्स ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में सबसे महत्वपूर्ण हमारी सोच और हमारी भावनाएँ होती हैं। उन्होंने बताया कि उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा उनकी **माता, बहन और पत्नी रही हैं। उन्होंने कहा कि “महिलाएँ राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी हैं और उनके सम्मान एवं सशक्तिकरण से ही देश का समग्र विकास संभव है।”
इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. के.जी. सुरेश ने अपने जीवन का एक प्रेरक प्रसंग साझा करते हुए एक ऐसी बालिका की कहानी सुनाई, जिसने कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा प्राप्त करने का संकल्प नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और दृढ़ निश्चय किसी भी व्यक्ति का भविष्य बदल सकते हैं।
कोयला मंत्रालय की अपर सचिव रूपिंदर पन्नू बरार ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हर सफल महिला की सबसे बड़ी शक्ति उसकी अपनी जीवन-यात्रा होती है। उन्होंने महिलाओं से अपने आत्मविश्वास पर विश्वास रखने और हर चुनौती का सामना करने का आह्वान किया।
वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं समाजसेवी डॉ. राखी आनंद ने सखी वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य, जागरूकता और आत्मनिर्भरता के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
आदित्य बिड़ला समूह के प्रेसिडेंट – ग्रुप कॉरपोरेट अफेयर्स एवं हेड – रेगुलेटरी अफेयर्स डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने राही पब्लिकेशन की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी पुस्तकें समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बनती हैं। प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर एवं लेखिका पूनम कालरा ने महिलाओं के लिए निःशुल्क काउंसलिंग सेवाओं की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि मानसिक और भावनात्मक रूप से सशक्त महिला ही समाज को मजबूत बना सकती है।
इंडियन एसोसिएशन ऑफ रशियन कम्पैट्रियट्स (IARC) की अध्यक्ष एलेना बारमैन ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि हर सफल महिला के पीछे सबसे बड़ी ताकत उसका आत्मविश्वास, साहस और दृढ़ संकल्प होता है। एशियन मैराथन चैंपियन डॉ. सुनीता गोदारा को महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए विशेष रूप से सराहा गया। उन्होंने 150 से अधिक बालिकाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा 17,000 से अधिक छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देकर समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सहकार मंत्रालय के लिनिक /एनसीडीसी के महानिदेशक डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब उसकी महिलाएँ शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त हों।
इस मौके पर दो अन्य पुस्तकों का भी विमोचन हुआ जिसमें वरिष्ठ मीडियाकर्मी सुशील भारती के द्वारा लिखित पुस्तक “ संदीप मारवाह: एग्लोबल लोरियेत ऑफ़ आर्ट एंड कल्चर” और कवियित्री गीतांजलि जादौन के द्वारा लिखित काव्य संग्रह “ पराई होकर भी अपनी” का विमोचन हुआ जिसमें उन्होंने कहा यह मेरे जीवन की एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि ये सब कवितायेँ उस दौर की है जब मैं गहरे अवसाद से घिर गई थी तब कविताओं ने ही मुझे बचाया”
समारोह के अंत में राही पब्लिकेशन के निदेशक सिद्धांत भारती ने सभी अतिथियों, लेखिकाओं, सहयोगियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राही पब्लिकेशन भविष्य में भी ऐसे साहित्य का प्रकाशन करता रहेगा, जो समाज में सकारात्मक सोच और परिवर्तन को बढ़ावा दे।
“हर स्टोरी–हर पावर” उन 50 प्रेरणादायी महिलाओं को समर्पित एक विशेष संकलन है, जिन्होंने जीवन की अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए अपने साहस, संघर्ष और आत्मविश्वास के बल पर समाज में विशिष्ट पहचान बनाई। पुस्तक में संकलित उनके अनुभव न केवल महिलाओं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।


