नई दिल्ली। न्यूज़पेपर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनएआई) ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को पत्र लिखकर जंतर-मंतर पर आयोजित हालिया प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों, मीडिया कर्मियों, सुरक्षा बलों तथा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों के साथ कथित मारपीट, अभद्र व्यवहार और उत्पीड़न के मामलों की तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
एनएआई के महासचिव डॉ. विपिन गौर द्वारा भेजे गए पत्र में उन रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो का उल्लेख किया गया है, जिनमें प्रदर्शन की कवरेज कर रहे कुछ पत्रकारों के साथ कथित रूप से मारपीट, डराने-धमकाने और उनके कार्य में बाधा डालने की घटनाएं दिखाई देने का दावा किया गया है। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि कुछ महिला पत्रकारों के साथ कथित रूप से आपत्तिजनक व्यवहार किए जाने की खबरें अत्यंत गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच होनी चाहिए।
न्यूज़पेपर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने गृह मंत्रालय से आग्रह किया है कि संबंधित एजेंसियों को निर्देशित किया जाए कि वे पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच करें। साथ ही, उपलब्ध वीडियो फुटेज, सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वीडियो तथा अन्य साक्ष्यों की जांच कर दोषियों की पहचान की जाए, जहां संज्ञेय अपराध बनते हों वहां एफआईआर दर्ज की जाए तथा कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
एसोसिएशन ने उन रिपोर्टों पर भी चिंता व्यक्त की है जिनमें दावा किया गया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों एवं अन्य सुरक्षा कर्मियों के साथ भी कथित रूप से मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की घटनाएं हुईं। एनएआई ने ऐसे मामलों की भी जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। पत्रकार, जिन्हें अक्सर “कलम के सिपाही” कहा जाता है, कठिन परिस्थितियों में भी जनता तक तथ्यात्मक और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाने का कार्य करते हैं। वहीं सुरक्षा बल और पुलिसकर्मी देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरंतर सेवा में लगे रहते हैं। ऐसे में पत्रकारों और सुरक्षा कर्मियों पर किसी भी प्रकार का हमला लोकतांत्रिक मूल्यों और विधि के शासन के लिए गंभीर चुनौती है।
न्यूज़पेपर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने पत्रकारों, मीडिया कर्मियों और सुरक्षा बलों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी और बाधा उत्पन्न करने की घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री से हस्तक्षेप करने तथा यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
एसोसिएशन ने विश्वास व्यक्त किया है कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में भारत सरकार कानून के शासन को सुदृढ़ बनाए रखने, पत्रकारों की सुरक्षा एवं प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करने तथा राष्ट्र की सुरक्षा में लगे सुरक्षा बलों के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।






