-“नेशन फर्स्ट” विजन के समर्थन में लिया फैसला, देश में आयोजन से घरेलू अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
-यह फैसला दिखाता है कि रियल एस्टेट सेक्टर देश की जरूरतों, आत्मनिर्भर भारत और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
नई दिल्ली, 13 मई 2026- पश्चिम एशिया में लगातार बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने, गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं को कम करने, ईंधन और विदेशी मुद्रा की बचत करने तथा देश के भीतर खर्च बढ़ाने की अपील के बाद रियल एस्टेट सेक्टर की शीर्ष संस्था कॉन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (क्रेडाई) ने बड़ा फैसला लिया है।
क्रेडाई ने अपने प्रमुख वार्षिक सम्मेलन NATCON 2026 के 23वें संस्करण को एम्स्टर्डम की बजाय भारत में आयोजित करने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि यह फैसला प्रधानमंत्री के “नेशन फर्स्ट” विजन और देश की मौजूदा भावनाओं के अनुरूप लिया गया है।
क्रेडाई के मुताबिक, ऐसे समय में जब भारत आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय गौरव के साथ आगे बढ़ रहा है, तब देश की प्रमुख आर्थिक संस्थाओं की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ खड़ी दिखाई दें। इसी सोच के तहत NATCON 2026 को विदेश से भारत शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है।
संगठन ने बताया कि जल्द ही NATCON 2026 के आयोजन के लिए भारत के मेजबान शहर की घोषणा की जाएगी और कार्यक्रम की नई रूपरेखा भी साझा की जाएगी। क्रेडाई का मानना है कि देश के सबसे बड़े रियल एस्टेट सम्मेलन को भारत में आयोजित करने से इससे जुड़े आर्थिक और पर्यटन लाभ सीधे घरेलू अर्थव्यवस्था तक पहुंचेंगे। इससे होटल, ट्रैवल, इवेंट मैनेजमेंट, स्थानीय कारोबार और अन्य संबंधित उद्योगों को भी फायदा मिलेगा।
हर साल विदेश में आयोजित होने वाला NATCON देश के रियल एस्टेट सेक्टर का सबसे बड़ा सम्मेलन माना जाता है। इसमें देशभर से 1,000 से अधिक डेवलपर्स, निवेशक, आर्किटेक्ट, नीति निर्माता, सलाहकार और उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होते हैं। सम्मेलन में रियल एस्टेट, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण तकनीक, स्मार्ट सिटी, सतत विकास और भारत की विकास यात्रा जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है।
हालांकि इस बार क्रेडाई ने आयोजन को व्यापक राष्ट्रीय भावना और प्रधानमंत्री की घरेलू आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने की अपील के अनुरूप भारत में आयोजित करने का फैसला किया है। संगठन का कहना है कि इससे घरेलू पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और भारतीय हॉस्पिटैलिटी एवं इवेंट इंडस्ट्री के लिए नए अवसर तैयार होंगे। साथ ही भारत के तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा।
*इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रेडाई के प्रेसिडेंट शेखर पटेल ने कहा* “माननीय प्रधानमंत्री ने मौजूदा भू-राजनीतिक हालात के बीच नागरिकों और उद्योगों से जिम्मेदारी निभाने और राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने की अपील की है। रियल एस्टेट सेक्टर देश में सबसे अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों में से एक है, इसलिए हमारा भी दायित्व बनता है कि हम इस दृष्टिकोण के साथ खड़े रहें और सामूहिक जिम्मेदारी निभाएं।”
उन्होंने कहा कि NATCON 2026 की तैयारियां पिछले छह महीनों से चल रही थीं और अगस्त में एम्स्टर्डम में आयोजन को लेकर पूरी तैयारी हो चुकी थी, लेकिन प्रधानमंत्री की अपील और देश की भावना को देखते हुए क्रेडाई ने आयोजन को भारत में कराने का फैसला लिया।
शेखर पटेल ने कहा, “इस वर्ष NATCON को भारत में आयोजित करके हम घरेलू आर्थिक गतिविधियों को समर्थन देने के साथ-साथ देश की आर्थिक मजबूती और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दिखा रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में रियल एस्टेट सेक्टर कई चुनौतियों से गुजर रहा है। सीमेंट, स्टील और अन्य जरूरी कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से निर्माण लागत बढ़ रही है, जबकि श्रमिकों की कमी भी कई बाजारों में प्रोजेक्ट्स के काम को प्रभावित कर रही है। ऐसे माहौल में सभी सेक्टर्स के लिए घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में योगदान देना और भी जरूरी हो जाता है।
क्रेडाई ने कहा कि रोजगार सृजन, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और आर्थिक वृद्धि से गहराई से जुड़े उद्योग के रूप में वह भारत के दीर्घकालिक विकास और आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों के लिए लगातार काम करता रहेगा।
गौरतलब है कि क्रेडाई की स्थापना वर्ष 1999 में भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर को नई दिशा देने और आवास एवं शहरी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। आज संगठन 20 राज्यों के 230 शहरों में फैले 13,000 से अधिक डेवलपर्स का प्रतिनिधित्व करता है और विभिन्न मंत्रालयों के साथ मिलकर नीतिगत मामलों में अहम भूमिका निभाता है।




