भूटान मे सम्पण हुआ नेसनल कानसिल चुनाव

राजेश शर्मा 

फुन्छोलिंग 20 अप्रेल । जयगांव एवं भूटान के रहा अन्तरष्ट्रिय सिमा भूटान मे उच्च सदनका चुनाव के लिए कर 19 तारिख साम के 6  बजे से बन्द कर्दिया था । परन्तु नियम के तहत कोहि भि अन्तराष्ट्रय सिमावर्तिय क्षेत्र मे नियम लगाना होता है।  जब तक  दोनो देश की केन्द्र सरकार के बिच बात चित के उपरान्त हि सिमावाले गेट बन्द कर्ने का निर्णय होता है, परन्तु आज अन्तराष्ट्रिय सिमाका गेट भूटान सरकार की  अपनि मर्जी से बन्द कर्दीया है ।जिस के कारण आज भूटान मे  से लोट कर  वापिस होने वाले  भारतिय पर्यटकको एक मुसिबत मे जुझना पड़ा एवं भूटन मे जाने  भारतिय पर्पयटकौं को दिकतोंका  समना पड़ने है  । तथा दोनो देश का सिमावर्ती क्षेत्र मे ब्यापार मे काफी नुकसान होने कि खबर देखा गया है । भारत भूटान का एक आपसि सम्बध मित्रता संधी के तहत संवध है परन्तु आज भूटानी नागरिक को भारत आने जाने मे बन्दि था एवं भूटान जाने कि गेट बन्द होने से स्थानिय सिमा के ब्पायारि स्थान ठप रहा । मुख्य कर के जयगांव मे काफी असर देखा गया जब कि उक्त क्षेत्र मे प्रमक रुप मे भूटानि नाहरिकको से बेपार चलता है एवं दोनो देशका आगमन बन्द होने से भारत का रहा जयगांव सनाटा छाया था , जिस से प्रमाण होता है जयगांव भूटान के निरभर है ,एक दिन भूटान गेट बन्द होने से दोनो देश के बिच होने वाले बोपार मे कड़ोरो का रिप मे नुकसान होने कि बेपारी लोगो ने नाम नहि छाप ने सर्त मे बताया है ।जब कि दोनो देश का बारे मे लिखना हो तो भूटान के बारे मे सक्षिप्त मे कहना आवस्यक है ।

भूटान  राष्ट्र हिमाल्यको क्षेत्र से सटा हुआ दक्षिण एसिया का एक छोटा और महत्वपूर्ण देश है। यह चिनी एवं तिब्बती और भारत  के बीच स्थित भूमि आबद्ध बृहद जमिनीवाले देश है। और केवल दक्षिणी भाग में थोड़ी सी समतल भूमि है। यह सांस्कृतिक और धार्मिक तौर से भूटीया एवं भाषा जोखा के से जुड़ा है, लेकिन भौगोलिक और राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनजर वर्तमान में यह है कि भारत के साथ इसदेशका काफी महत्व पूर्ण आफ्सी  संवध है ।भूटान के विषय लेख्ने को प्रथम पिछले इतिहास लिखना आवस्यक है , जैसा भूटान मे सन् 1907 मे प्रथम राजा के रुप मे उग्रेन वागचुक है । जो कि आज के इस समय मे भूटान मे पांचवा महाराजा कि शासन है , परन्तु भूटानके चौथे महाराजा जिग्मे सिंग वागचुक ने भूटान को लोक तंत्र देनेका एलान सन् 2007 मे घोषना के उपरान्त भूटान मे 2008 से लोकतंत्र स्थापित हुआ था । जिसके चलते हुए आज भूटान मे राज शासन  रहते हुए लोकतंत्रका चुनाव प्रनालिका कार्य हैता है । जिसके चलते हुए आज भूटान मे उच्च सदन चुना भूटान के 20 जिल्ला ( डुखांग) में उक्त 20 जिल्ले मे मोठ मतदाता 432030 है जिस मे नारी का संख्या 220881 है तो पूरूष 21149 है ।

भूटान मे इस प्रकार सभि जिल्लेका बिवरण है

Sl.No. Dzongkhag Male Male (%) Female Female (%) Total
1 Bumthang 4570 46.86% 5182 53.14% 9752
2 Chhukha 12291 49.83% 12373 50.17% 24664
3 Dagana 12008 50.05% 11982 49.95% 23990
4 Gasa 948 47.40% 1052 52.60% 2000
5 Haa 3625 47.34% 4033 52.66% 7658
6 Lhuentse 7494 46.72% 8546 53.28% 16040
7 Monggar 16373 48.04% 17709 51.96% 34082
8 Paro 8784 47.65% 9649 52.35% 18433
9 Pema Gatshel 12432 48.53% 13187 51.47% 25619
10 Punakha 7935 47.72% 8693 52.28% 16628
11 Samdrup Jongkhar 12270 48.26% 13154 51.74% 25424
12 Samtse 24455 52.28% 22326 47.72% 46781
13 Sarpang 14885 49.87% 14963 50.13% 29848
14 Thimphu 6720 47.09% 7552 52.91% 14272
15 Trashigang 22726 48.37% 24257 51.63% 46983
16 Trashi Yangtse 8878 48.37% 9476 51.63% 18354
17 Trongsa 4822 48.06% 5212 51.94% 10034
18 Tsirang 11896 50.88% 11483 49.12% 23379
19 Wangdue Phodrang 8961 45.50% 10732 54.50% 19693
20 Zhemgang 9076 49.34% 9320 50.66% 18396
Total 211149 48.87% 220881 51.13% 432030

आज इन स्थानमे 127 उम्मिव्दारौं ने नामंकन जम्मा किया है । 866 मतादान केन्द्र मे जिसका निम्न सदनका  भाग्य इभिएम मसिन मे सुबह 7 बजे से अजमा गया है ।देशमा कुल दर्ता भएका मतदाता मे से  8989ले राष्ट्रिय मतदान निर्वाचन 2018 को पोस्टल मतदाताको रूपमा दर्ता किया है।  मजा कि बात यह है कि आज इस मतदानऔ ने खास रुप से  हिस्सा ने लेने कि खबर है जिसका प्रमाण भूटान के एक टासिगाउ निवासी नागरिक ने कहा है कि उक्त समय  भूटानी नागरिक भोट  नहि कर्ना पसन्द गर्ते है , जब कि भूटान मे सन् 2008 से आरम्भ हुआ लोकतंत्रका असर आज तक भूटान मे नहि देखा जहा रहा है  ।  आज भूटान के चुनाव के दोवराण एक मगर जिल्ला मे रह ने वाले उगेन नाम ब्याक्ति ने सिधा कहा है भूटान मे मतदान कर के कुछ लाभ नहि होगा , जो आज तक भि भूटान मे कानून भूटान के महाराजा से बनाया हुआ चलित है एवं शासनका बागडोर भि भूटान के महाराजा के हाम मे है और उक्त भोट डालने से जनता को कुछ लाभ नहि होगा , जब कि उक्त भोट मे अगर जनता कि मनमुताबिक राष्ट्र चलानेका प्राप्त होता तो इस तरहका चुनाव मे मतदान देने से लाहोता बोलकर बताया बै , जिसको चलते हुए आज उनको भूटान गेट बन्द के दौवराण जयगांव शहर मे मुलाकत के दौवराण कहाँ है । इसि तरह से मगर निवासी सोनाम छोडेन ने कहा है कि मोगर फुन्छोलिंग से 3 दिन के सफर तय कर्ना होता है जब कि इस मतदान मे मदखाल ने को जाने पर काफी खर्च होता है । तिस के तहत आज मतदान नहि कर्नेको अपना मतदान केन्द्र को नहि जाने कि जानकारी देते हुए कहां है कि उनो ने भारत का जयगांव मे पिछले 2 साल से रहते आ रहा है । जब कि भूटान का फुन्छोलिंग मे अपना सरकार ने रह ने का मकान नहि तयार किया है एवं भूटान मे किराइ के मकान का भाड़ काफी ज्यादा है , जब कि जयगांव मे मजबुरण रहना पड़ रहा है जिस पर भूटान के सरकार कि नजर नहि है , जो कि उस तरह का सरकार को और मजबुत कर्ने के ले क्यू मजबर कर्ने को भोट दे जो जनता के हित का कार्य नहि कर्ता है उस के कारण मतदान नहि दिया जानेका कारण बताया है । उनो ने कहा है कि भूटान मे कोहि भि चुनाव बिजय होकर आने से भि उक्त बिजय उम्मिव्दारको को छमता नहि होता है ,अभि तक भूटान मे महाराजा ने जो चहा उनके मन मताविक हि शासन का कार्ये आ रहे है दिखाने ने के लिए हि भूटान मे लोकतंत्र है जिस पर उनो ने अपना नाम नहि छाप ने कि सर्त मे कहाँ है ।आज भूटान मे भ्रमणके लिए आए पर्यटक भूटान मे चुनाव के लिए काफी लोग फसे हुए थे तो स्थानिय भारतीय ब्यानर्जीय दुतवास के अधिकारी पियूस गुप्ता की प्रयास ने उने भूटान मे से निकाल ने कामियाब होने कि जानकारी है ।

1)    बुमथाग- निमा – 3513

2)      चुखा- सांगे दोर्जी –    1601

3)    दागाना-सुरज मान थापा -982

4)    गासा-दोर्जी खान्डु       -532

5)    हाँ –उगेन नामगे-1730

6)    लुगसि –टेम्पा दोर्जी-2569

7)    मोगर-सोनाम पालजर–2406

8)    पारो –उगेन छिरिंग-1441

9)    पेमागाछेल-छेवांग दोर्जे 3846

10) पुनाखा –लिकि डोलमा 2403

11) सामडुरजोखार-जिमि वागचुक-4101

12)  सामची –तिर्थमान राई-5002

13)  सरपांग –आन्द राई -4278

14) थिम्पू- छेवांग रिजिंग -2117

15) टासिञ्गसि- कर्म गेल्चेन-1952

16) टासिगांग-लतु-4284

17) टोंगसा- टासि सान्डुप 2309

18) चिरांग –धनकुमार सुनवार-2825

19) वांगुदेवाफेरोङ्ङ्ग-टासी दोर्जे- 4995

20) Zhemgang- पेमा डुक्रपा -1391

राजेश शर्मा 

फुन्छोलिंग 20 अप्रेल । जयगांव एवं भूटान के रहा अन्तरष्ट्रिय सिमा भूटान मे उच्च सदनका चुनाव के लिए कर 19 तारिख साम के 6  बजे से बन्द कर्दिया था । परन्तु नियम के तहत कोहि भि अन्तराष्ट्रय सिमावर्तिय क्षेत्र मे नियम लगाना होता है।  जब तक  दोनो देश की केन्द्र सरकार के बिच बात चित के उपरान्त हि सिमावाले गेट बन्द कर्ने का निर्णय होता है, परन्तु आज अन्तराष्ट्रिय सिमाका गेट भूटान सरकार की  अपनि मर्जी से बन्द कर्दीया है ।जिस के कारण आज भूटान मे  से लोट कर  वापिस होने वाले  भारतिय पर्यटकको एक मुसिबत मे जुझना पड़ा एवं भूटन मे जाने  भारतिय पर्पयटकौं को दिकतोंका  समना पड़ने है  । तथा दोनो देश का सिमावर्ती क्षेत्र मे ब्यापार मे काफी नुकसान होने कि खबर देखा गया है । भारत भूटान का एक आपसि सम्बध मित्रता संधी के तहत संवध है परन्तु आज भूटानी नागरिक को भारत आने जाने मे बन्दि था एवं भूटान जाने कि गेट बन्द होने से स्थानिय सिमा के ब्पायारि स्थान ठप रहा । मुख्य कर के जयगांव मे काफी असर देखा गया जब कि उक्त क्षेत्र मे प्रमक रुप मे भूटानि नाहरिकको से बेपार चलता है एवं दोनो देशका आगमन बन्द होने से भारत का रहा जयगांव सनाटा छाया था , जिस से प्रमाण होता है जयगांव भूटान के निरभर है ,एक दिन भूटान गेट बन्द होने से दोनो देश के बिच होने वाले बोपार मे कड़ोरो का रिप मे नुकसान होने कि बेपारी लोगो ने नाम नहि छाप ने सर्त मे बताया है ।जब कि दोनो देश का बारे मे लिखना हो तो भूटान के बारे मे सक्षिप्त मे कहना आवस्यक है ।

भूटान  राष्ट्र हिमाल्यको क्षेत्र से सटा हुआ दक्षिण एसिया का एक छोटा और महत्वपूर्ण देश है। यह चिनी एवं तिब्बती और भारत  के बीच स्थित भूमि आबद्ध बृहद जमिनीवाले देश है। और केवल दक्षिणी भाग में थोड़ी सी समतल भूमि है। यह सांस्कृतिक और धार्मिक तौर से भूटीया एवं भाषा जोखा के से जुड़ा है, लेकिन भौगोलिक और राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनजर वर्तमान में यह है कि भारत के साथ इसदेशका काफी महत्व पूर्ण आफ्सी  संवध है ।भूटान के विषय लेख्ने को प्रथम पिछले इतिहास लिखना आवस्यक है , जैसा भूटान मे सन् 1907 मे प्रथम राजा के रुप मे उग्रेन वागचुक है । जो कि आज के इस समय मे भूटान मे पांचवा महाराजा कि शासन है , परन्तु भूटानके चौथे महाराजा जिग्मे सिंग वागचुक ने भूटान को लोक तंत्र देनेका एलान सन् 2007 मे घोषना के उपरान्त भूटान मे 2008 से लोकतंत्र स्थापित हुआ था । जिसके चलते हुए आज भूटान मे राज शासन  रहते हुए लोकतंत्रका चुनाव प्रनालिका कार्य हैता है । जिसके चलते हुए आज भूटान मे उच्च सदन चुना भूटान के 20 जिल्ला ( डुखांग) में उक्त 20 जिल्ले मे मोठ मतदाता 432030 है जिस मे नारी का संख्या 220881 है तो पूरूष 21149 है ।

भूटान मे इस प्रकार सभि जिल्लेका बिवरण है

Sl.No. Dzongkhag Male Male (%) Female Female (%) Total
1 Bumthang 4570 46.86% 5182 53.14% 9752
2 Chhukha 12291 49.83% 12373 50.17% 24664
3 Dagana 12008 50.05% 11982 49.95% 23990
4 Gasa 948 47.40% 1052 52.60% 2000
5 Haa 3625 47.34% 4033 52.66% 7658
6 Lhuentse 7494 46.72% 8546 53.28% 16040
7 Monggar 16373 48.04% 17709 51.96% 34082
8 Paro 8784 47.65% 9649 52.35% 18433
9 Pema Gatshel 12432 48.53% 13187 51.47% 25619
10 Punakha 7935 47.72% 8693 52.28% 16628
11 Samdrup Jongkhar 12270 48.26% 13154 51.74% 25424
12 Samtse 24455 52.28% 22326 47.72% 46781
13 Sarpang 14885 49.87% 14963 50.13% 29848
14 Thimphu 6720 47.09% 7552 52.91% 14272
15 Trashigang 22726 48.37% 24257 51.63% 46983
16 Trashi Yangtse 8878 48.37% 9476 51.63% 18354
17 Trongsa 4822 48.06% 5212 51.94% 10034
18 Tsirang 11896 50.88% 11483 49.12% 23379
19 Wangdue Phodrang 8961 45.50% 10732 54.50% 19693
20 Zhemgang 9076 49.34% 9320 50.66% 18396
Total 211149 48.87% 220881 51.13% 432030

आज इन स्थानमे 127 उम्मिव्दारौं ने नामंकन जम्मा किया है । 866 मतादान केन्द्र मे जिसका निम्न सदनका  भाग्य इभिएम मसिन मे सुबह 7 बजे से अजमा गया है ।देशमा कुल दर्ता भएका मतदाता मे से  8989ले राष्ट्रिय मतदान निर्वाचन 2018 को पोस्टल मतदाताको रूपमा दर्ता किया है।  मजा कि बात यह है कि आज इस मतदानऔ ने खास रुप से  हिस्सा ने लेने कि खबर है जिसका प्रमाण भूटान के एक टासिगाउ निवासी नागरिक ने कहा है कि उक्त समय  भूटानी नागरिक भोट  नहि कर्ना पसन्द गर्ते है , जब कि भूटान मे सन् 2008 से आरम्भ हुआ लोकतंत्रका असर आज तक भूटान मे नहि देखा जहा रहा है  ।  आज भूटान के चुनाव के दोवराण एक मगर जिल्ला मे रह ने वाले उगेन नाम ब्याक्ति ने सिधा कहा है भूटान मे मतदान कर के कुछ लाभ नहि होगा , जो आज तक भि भूटान मे कानून भूटान के महाराजा से बनाया हुआ चलित है एवं शासनका बागडोर भि भूटान के महाराजा के हाम मे है और उक्त भोट डालने से जनता को कुछ लाभ नहि होगा , जब कि उक्त भोट मे अगर जनता कि मनमुताबिक राष्ट्र चलानेका प्राप्त होता तो इस तरहका चुनाव मे मतदान देने से लाहोता बोलकर बताया बै , जिसको चलते हुए आज उनको भूटान गेट बन्द के दौवराण जयगांव शहर मे मुलाकत के दौवराण कहाँ है । इसि तरह से मगर निवासी सोनाम छोडेन ने कहा है कि मोगर फुन्छोलिंग से 3 दिन के सफर तय कर्ना होता है जब कि इस मतदान मे मदखाल ने को जाने पर काफी खर्च होता है । तिस के तहत आज मतदान नहि कर्नेको अपना मतदान केन्द्र को नहि जाने कि जानकारी देते हुए कहां है कि उनो ने भारत का जयगांव मे पिछले 2 साल से रहते आ रहा है । जब कि भूटान का फुन्छोलिंग मे अपना सरकार ने रह ने का मकान नहि तयार किया है एवं भूटान मे किराइ के मकान का भाड़ काफी ज्यादा है , जब कि जयगांव मे मजबुरण रहना पड़ रहा है जिस पर भूटान के सरकार कि नजर नहि है , जो कि उस तरह का सरकार को और मजबुत कर्ने के ले क्यू मजबर कर्ने को भोट दे जो जनता के हित का कार्य नहि कर्ता है उस के कारण मतदान नहि दिया जानेका कारण बताया है । उनो ने कहा है कि भूटान मे कोहि भि चुनाव बिजय होकर आने से भि उक्त बिजय उम्मिव्दारको को छमता नहि होता है ,अभि तक भूटान मे महाराजा ने जो चहा उनके मन मताविक हि शासन का कार्ये आ रहे है दिखाने ने के लिए हि भूटान मे लोकतंत्र है जिस पर उनो ने अपना नाम नहि छाप ने कि सर्त मे कहाँ है ।आज भूटान मे भ्रमणके लिए आए पर्यटक भूटान मे चुनाव के लिए काफी लोग फसे हुए थे तो स्थानिय भारतीय ब्यानर्जीय दुतवास के अधिकारी पियूस गुप्ता की प्रयास ने उने भूटान मे से निकाल ने कामियाब होने कि जानकारी है ।

1)    बुमथाग- निमा – 3513

2)      चुखा- सांगे दोर्जी –    1601

3)    दागाना-सुरज मान थापा -982

4)    गासा-दोर्जी खान्डु       -532

5)    हाँ –उगेन नामगे-1730

6)    लुगसि –टेम्पा दोर्जी-2569

7)    मोगर-सोनाम पालजर–2406

8)    पारो –उगेन छिरिंग-1441

9)    पेमागाछेल-छेवांग दोर्जे 3846

10) पुनाखा –लिकि डोलमा 2403

11) सामडुरजोखार-जिमि वागचुक-4101

12)  सामची –तिर्थमान राई-5002

13)  सरपांग –आन्द राई -4278

14) थिम्पू- छेवांग रिजिंग -2117

15) टासिञ्गसि- कर्म गेल्चेन-1952

16) टासिगांग-लतु-4284

17) टोंगसा- टासि सान्डुप 2309

18) चिरांग –धनकुमार सुनवार-2825

19) वांगुदेवाफेरोङ्ङ्ग-टासी दोर्जे- 4995

20) Zhemgang- पेमा डुक्रपा -1391