अमेरिका में नहीं होगा खत्म ‘गन कल्चर’?

अमेरिका ने ‘गन कल्चर’ में एक और बड़ी तबाही देखी. दुनिया के सबसे ताकतवर देश में अंधाधुंध फायरिंग की खबरें लगातार आती रहती हैं. ऐसे फायरिंग में ढेरों बेगुनाह अपनी जान से हाथ धो रहे हैं.

वेलेंटाइन डे की शाम अमेरिका के फ्लोरिडा प्रांत के एक हाईस्कूल में निष्कासित छात्र ने शक्तिशाली राइफल से अंधाधुंध गोलीबारी की जिसमें कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य लोग घायल हो गए. इस घटना के बाद पूरे देश में शोक की लहर है.

इन घायलों में एक भारतीय अमेरिकी छात्र भी शामिल है. यह अमेरिका के इतिहास में गोलीबारी की सबसे घातक घटनाओं में से एक माना जा रहा है. स्कूल में बड़ी संख्या में भारतीय अमेरिकी समुदाय के छात्र पढ़ते हैं और इनमें से कम से कम एक छात्र इस गोलीबारी में मामूली रूप से घायल हुआ है. नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले इस छात्र का इलाज अस्पताल में चल रहा है.

दूसरी ओर, हालांकि अमेरिकी संसद के स्पीकर पॉल रेयान अमेरिकी नागरिकों से बंदूक रखने के अधिकार को खत्म किए जाने की बात से इनकार किया है. उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं के बाद भी उन्हें नहीं लगता कि देश में बंदूक रखने को लेकर सख्ती बरती जाए.

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में इस गोलीबारी पर दुख व्यक्त किया और हताहतों के परिवारों के लिए प्रार्थना की तथा संवेदनाएं व्यक्त कीं. उन्होंने कहा कि हम मारे गए लोगों के परिजनों के साथ है. हादसे के शिकार लोगों के परिजनों से वह मिलने जाएंगे.इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘फ्लोरिडा की गोलीबारी की घटना में हताहत हुए परिवारों के लिए मेरी प्रार्थनाएं और संवेदनाएं. अमेरिका के किसी स्कूल में किसी भी बच्चे, शिक्षक या किसी अन्य को कभी भी असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए

संदिग्ध की शिनाख्त 19 वर्षीय निकोलस क्रूज के तौर पर हुई है. वह पार्कलैंड के मारजोरी स्टोनमैन डगलस हाईस्कूल का पूर्व छात्र है. उसे अनुशासन से संबंधित कारणों के लिए निष्कासित किया गया था. उसे घटना के बाद गिरफ्तार कर लिया गया.

फ्लोरिडा तीसरा सबसे सुरक्षित शहर

अमेरिका की नेशनल काउंसिल के अनुसार, फ्लोरिडा देश का तीसरा सबसे सुरक्षित समझा जाने वाला शहर है. एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि स्कूल या उसके परिसर के इर्द-गिर्द इस साल हुई यह गोलीबारी की 18वीं घटना है.

साल 2013 से अब तक अमेरिका ने 291 ऐसी वीभत्स दुर्घटनाएं देखी है. इस आधार पर वहां औसतन हर हफ्ते ऐसी एक घटना घट रही है. पिछले साल 24 जनवरी सिनसिनाटी शहर के एक स्कूल में हुई गोलीबारी में भी 2 छात्रों की मौत हो गई थी जबकि 17 छात्र घायल हुए थे.

इसी तरह पिछले साल नवंबर में टेक्सास प्रांत के एक छोटे कस्बे में एक बंदूकधारी ने चर्च में प्रार्थना के दौरान वहां उपस्थित लोगों पर गोलियां चलाई थी, जिसमें 26 लोग से ज्यादा लोग मारे गए और कई घायल हुए थे.

अवसाद से ग्रस्त था हमलावर

अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी करने वाला क्रूज समस्याग्रस्त किशोर है जिसने गोलीबारी की वारदात को अंजाम देने से पहले सोशल मीडिया पर परेशान करने वाली चीजें पोस्ट की थीं.

ब्रोवार्ड काउंटी शेरिफ स्कॉट इजराइल ने कहा, ‘यह पार्कलैंड के लिए भयानक दिन था.’ पार्कलैंड शहर उत्तर मियामी से 80 किलोमीटर दूर स्थित है और शहर की आबादी लगभग 30,000 है. फ्लोरिडा में एक संवाददाता सम्मेलन में इजराइल ने बताया, ‘निकोलस क्रूज हत्यारा है. वह हिरासत में है. हमने उसकी वेबसाइट और सोशल मीडिया की छानबीन शुरू कर दी है. कुछ बातें जो दिमाग में आ रही हैं, बहुत परेशान करने वाली हैं.’

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक जांचकर्ताओं ने बताया कि क्रूज ने लोगों को क्लासरूम से बाहर निकालने के लिए फायर अलार्म बजाया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बना सके. क्रूज को अनुशासन संबंधी कारणों के चलते स्कूल से निष्कासित किया गया था.

उन्होंने कहा, ‘मुझे सटीक कारण पता नहीं है.’ बहरहाल, मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, क्रूज ने पिछले साल अपनी पूर्व प्रेमिका के नए प्रेमी से झगड़ा किया था जिसके बाद उसे स्कूल से निकाल दिया गया था.’ इजराइल ने कहा कि गोलीबारी पहले स्कूल के बाहर की गई. फिर अंदर भी गोलीबारी जारी रखी गई, जहां 12 लोग मारे गए.

उन्होंने कहा कि सभी पीड़ितों की पहचान हो गई है, लेकिन अभी किसी की पहचान उजागर नहीं की गई है. इजराइल ने हालांकि पीड़ित छात्रों की संख्या की पुष्टि नहीं की. अधिकारियों ने बताया कि कई घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है. उनमें से तीन की हालत नाजुक है.

प्रांतीय और संघीय अधिकारियों ने कई घंटे क्रूज से पूछताछ की. शेखर रेड्डी ने कहा, ‘यह देश और समुदाय के लिए दुखद दिन है. हम सब पीड़ितों के लिए दुआएं कर रहे हैं.’ इस गोलीबारी की वारदात में रेड्डी के दोस्त का बेटा घायल हुआ है.

वर्ष 2012 में कनेक्टीकट स्कूल सैंडी हुक में हुई गोलीबारी में 26 लोग मारे गए थे. एफबीआई छानबीन में स्थानीय अधिकारियों की मदद कर रही है. संघीय और स्थानीय अधिकारियों ने एनबीसी न्यूज को बताया कि इस बात का कोई संकेत नहीं मिलता कि बंदूकधारी का कोई साथी था.

गोलीबारी की इस घटना के बाद अमेरिका में बंदूकों पर नियंत्रण किए जाने को लेकर फिर से बहस शुरू हो गई है. फ्लोरिडा के सीनेटर चेरिस मर्फी ने दक्षिण फ्लोरिडा के हाई स्कूल में हुई इस घटना को एक ‘भयावह’ करार दिया.