नोटबंदी के लगभग छह साल बाद RBI ने क्यों बंद किया दो हजार का नोट, जानें क्या है इस फैसले की वजह ?

आरबीआई ने शुक्रवार को 2000 रुपये के नोट को सर्कुलेशन से बाहर करने का एलान किया है… हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि 2000 रुपये के नोट की वैधता समाप्त होगी… फिलहाल 2000 रुपये के नोट चलते रहेंगे… और यह नोट 30 सितंबर तक बैंकों में वापस लिए जा सकेंगे… बहरहाल, आपको बता दें कि आखिरकार सरकार ने 2016 में नोटबंदी के साढ़े छह साल बाद यह फैसला क्यों लिया है… आरबीआई ने नवंबर 2016 में 2000 के नोट जारी किए थे… इन नोट को आरबीआई कानून 1934 की धारा 24(1) के तहत जारी किया गया था… सरकार ने ये फैसला इसलिए लिया था ताकि उस समय बाजार में मौजूद 500 और 1000 रुपये की जो करंसी नोटबंदी के तहत हटाई गई थी,उससे अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सके… आरबीआई के मुताबिक 2000 के करीब 89 प्रतिशत नोट मार्च 2017 से पहले ही जारी हो गए थे… सरकार का कहना है कि ये नोट चार-पांच साल तक अस्तित्व में रहने की उनकी सीमा पार कर चुके हैं या पार करने वाले हैं… ये भी एक बड़ी वजह है जिसकी वजह से 2000 के नोट को सरकार ने बैन करने का फैसला किया है…