नितिन नवीन की नई टीम में तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी, लोकसभा चुनाव 2024 में टिकट कटने के बाद संगठन में बड़ी वापसी
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर नई टीम का गठन किया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
तीरथ सिंह रावत को यह जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है, जब उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। वर्ष 2021 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल चुके तीरथ सिंह रावत को 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद भी वे पार्टी संगठन में सक्रिय रहे।
हालांकि, लोकसभा चुनाव 2024 में पौड़ी गढ़वाल सीट से उनका टिकट कटने के बाद तीरथ सिंह रावत राजनीतिक रूप से कुछ समय के लिए पर्दे के पीछे जाते दिखाई दिए। अब राष्ट्रीय संगठन में उन्हें मिली यह बड़ी जिम्मेदारी उनकी संगठन में जोरदार वापसी के तौर पर देखी जा रही है।
उत्तराखंड के दो बड़े नेताओं को अहम जिम्मेदारी
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तराखंड से एक और महत्वपूर्ण नाम सामने आया है। गढ़वाल से सांसद अनिल बलूनी को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।
पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र से जुड़े दो प्रमुख नेताओं—तीरथ सिंह रावत और अनिल बलूनी—को राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलने से उत्तराखंड की राजनीति में इसके अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा संगठन में इन नियुक्तियों का उत्तराखंड की राजनीति पर कितना प्रभाव पड़ता है।
नई राष्ट्रीय टीम में कई बड़े नाम
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में तीरथ सिंह रावत के साथ कई वरिष्ठ नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें प्रमुख रूप से—
- वसुंधरा राजे सिंधिया
- राम माधव
- डी. पुरंदेश्वरी
- तीरथ सिंह रावत — उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री
- डॉ. भारती पवार — पूर्व केंद्रीय मंत्री
- मनप्रीत सिंह बादल
- तारिक मंसूर
- एम. नागराज
- लाल सिंह आर्य
- वर्षाबेन दोशी
- बैजयंत ‘जय’ पांडा — बरकरार
- रेखा वर्मा — बरकरार
- मधुकचंद्र कर — बरकरार
2027 के लिए क्या है संकेत?
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर भाजपा के लिए गढ़वाल क्षेत्र और उसके प्रभावशाली नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अनिल बलूनी को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी मिलना पार्टी की आगामी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
तीरथ सिंह रावत की संगठन में वापसी से यह भी स्पष्ट संकेत मिलता है कि पार्टी अपने वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और जनाधार का राष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल करना चाहती है।
2027 से पहले भाजपा की यह नई संगठनात्मक कवायद उत्तराखंड की सियासत में आने वाले दिनों में कई नए समीकरणों को जन्म दे सकती है।




