वन रैंक वन पेंशन से जुड़े मामले पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र की तरफ से पेश अटॉर्नी जनरल ने एक सील बंद लिफाफा पेश किया… जिसमें रक्षा मंत्रालय का जवाब था… इस पर उच्चतम न्यायालय ने सीलबंद लिफाफे को स्वीकार करने से इंकार कर दिया… मामले की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि या तो सीलबंद लिफाफे की जानकारी दूसरी पार्टी से भी साझा करें या सार्वजनिक तौर पर पढ़ें… सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि हम इस तरीके से बिना वजह सीलबंद लिफाफा पेश करने की प्रक्रिया को खत्म करना चाहते हैं… चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि मैं व्यक्तिगत तौर पर सीलबंद लिफाफे के खिलाफ हूं… कोर्ट में पारदर्शिता होनी चाहिए… वैसे भी यह एक आदेश को लागू करने से जुड़ा मामला है… इसमें क्या गुप्त है? सीलबंद लिफाफे की जानकारी की एक कॉपी दूसरी पार्टी को भी देना चाहिए… सीजेआई ने कहा कि सीलबंद लिफाफे की प्रक्रिया एक तरीके से स्थापित न्यायिक सिद्धांतों के खिलाफ है और इसका सहारा तभी लेना चाहिए जब किसी स्रोत का जीवन खतरे में हो या ऐसी कोई परिस्थिति हो…
