नाग लीला में धियाणियों को किया गया सम्मानित

ऊखीमठ।अपनी परम्पराओं और रीति रिवाजों के लिए विख्यात उत्तराखंड में सर्दी के मौसम (नवम्बर – दिसम्बर) में कई परम्पराओं का निर्वहन किया जाता है, इनमें पाण्डव नृत्य, बग्वाळ नृत्य और नाग – सिद्व्वा नृत्य। इसी परम्परा के तहत केदारनाथ विधानसभा के सीमांत गांव पैलिंग में 9 दिवसीय नाग-सिद्धवा जागर के विसर्जन के अवसर पर देवताओं ने धियाणियों व ग्रामीणों को सुफल बाँटा। ग्रामीणों ने देवताओं को पाँच साल बाद दुबारा न्यौतने का आश्वासन देकर उनके धाम विदा किया।

9दिनों तक चले इस पूजन /नृत्य कार्यक्रम में गाँव की लगभग 150 से अधिक धियाणियों को स्मृति चिह्न व अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। धियाणियो़ं ने नम आँखों से अपने मैतियों को विदाई दी। धियाणियों ने कहा कि इतना बेहतर सम्मान आज तक किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में कभी नहीं हुआ । इस हेतु सभी ने मैतियों का आभार व्यक्त किया। धियाणियों व अतिथियों हेतु स्मृति चिह्न व अंगवस्त्र भेंट की व्यवस्था सुदर्शन सिंह नेगी, जगदीश सिंह नेगी, श्रीमती मन्दोदरी देवी, मुकेश सिंह, राहुल सिंह, भरत सिंह नेगी (मध्यप्रदेश), भूपेन्द्र राणा, डाॅ० धीरेन्द्र सिंह राणा, माधव सिंह नेगी, प्रदीप सिंह नेगी व लक्ष्मण सिंह नेगी ने सहयोग किया।
क्षेत्र के जाने-माने शिक्षाविद् व ग्राम औरिंग के वरिष्ठ नागरिक नारायण सिंह नेगी (अवकाश प्रवक्ता) कहते हैं कि धियाणियों को स्मृति चिह्न द्वारा सम्मानित किया जाना बहुत अच्छा स्वागत योग्य व मैती धरोहर रूप में संजोये जाने योग्य नायब तोहफा है इसके लिए आयोजन समिति व समस्त ग्रामीण बधाई व साधुवाद के पात्र हैं। ग्राम प्रधान सावित्री देवी व
महिला मंगल दल अध्यक्षा प्रियंका नेगी का कहना था कि हमें अभी ससुराल आये हुए पाँच से सात साल ही हो रहे हैं, हमने अपने मायके में भी ऐसे दिव्य व भव्यता के साथ कार्यक्रमों को आयोजित होते नहीं देखा। गाँव में ऐसे सामाजिक, सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाता है। धियाणियों के प्रति इस प्रकार प्यार-प्रेम व स्नेह को देखते हुए गला भर आ रहा है, इसके लिए विशेष रूप से हम गांव के नागरिक माधव सिंह नेगी का धन्यवाद ज्ञापित करती हैं।