कतर की एक अदालत ने भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को मौत की सजा सुनाई… पूर्व नौसेना कर्मी एक साल से ज्यादा समय से हिरासत में थे… कतर की खुफिया सेवा ने पिछले साल अगस्त में आठ लोगों को हिरासत में लिया था… आखिर कतर में जिन आठ भारतीयों को कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है, उन पर क्या आरोप हैं, आइये जानते हैं… जिन आठ पूर्व भारतीय नौसैनिकों को कतर के कोर्ट ने सजा सुनाई है, उनमें कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर संजीव गुप्ता, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर अमित नागपाल और सेलर रागेश शामिल हैं… ये सभी एक डिफेंस सर्विस प्रोवाइडर ऑर्गनाइजेशन- दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज के लिए काम कर रहे थे… इस निजी फर्म का स्वामित्व रॉयल ओमानी एयर फोर्स के एक रिटायर्ड सदस्य के पास है… इस निजी फर्म के मालिक को भी गिरफ्तार किया गया था लेकिन उसे पिछले साल नवंबर में रिहा कर दिया गया था… यह प्राइवेट फर्म कतर के सशस्त्र बलों को प्रशिक्षण और संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराती थी… मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व भारतीय नौसैनिकों पर गुप्त क्षमताओं वाली कतर की एडवांस्ड पनडुब्बियों पर इजरायल के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया गया…
