प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के समापन की झलकियां साझा कीं

नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) का औपचारिक रूप से समापन हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए इसे भारत-यूरोप संबंधों में मील का पत्थर बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर इस ऐतिहासिक समझौते की घोषणा करते हुए उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने इसे भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में अब तक की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते का समापन दोनों पक्षों के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने इस समझौते को संभव बनाने में वर्षों से सहयोग और रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने वाले यूरोपीय नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

भारत के लिए बड़े फायदे

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट की श्रृंखला में बताया कि यह समझौता भारत का अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता है, जिससे देश की 1.4 अरब आबादी को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इस समझौते से—

• भारतीय किसानों और लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए यूरोपीय बाजारों तक पहुंच आसान होगी।
• विनिर्माण क्षेत्र में नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
• सेवा क्षेत्र में भारत और यूरोपीय संघ के बीच सहयोग को मजबूती मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व की दूसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच हुआ यह समझौता विकास, व्यापार और सहयोग के नए मार्ग खोलेगा, जिसका लाभ वैश्विक समुदाय को भी मिलेगा।

युवाओं, नवाचार और डिजिटल विकास को बढ़ावा

पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजन में सहायक होगा और भारत के युवाओं, पेशेवरों, छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर खोलेगा। इसके साथ ही डिजिटल युग की क्षमताओं का अधिकतम उपयोग संभव होगा और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि यह समझौता व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को मजबूत करेगा तथा भारत-EU के रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देगा।

साझा समृद्धि की ओर कदम

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
“आज का दिन हमेशा याद रखा जाएगा। यह हमारे साझा इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ेगा। भारत और यूरोपीय संघ विश्वास और महत्वाकांक्षा के साथ एक समृद्ध, स्थायी और भविष्य के लिए तैयार साझेदारी की ओर आगे बढ़ रहे हैं।”

इस ऐतिहासिक समझौते को भारत की आर्थिक कूटनीति में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में विकास, रोजगार और वैश्विक सहयोग के नए अवसर पैदा करेगा।