शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण से बढ़ी योगी सरकार की मुश्किलें, उमा भारती ने किया समर्थन

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक घेरे में आते नजर आ रहे हैं। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच शुरू हुआ विवाद अब सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

इस विवाद में अब भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ और फायरब्रांड नेता उमा भारती भी खुलकर सामने आ गई हैं। उन्होंने शंकराचार्य का समर्थन करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उमा भारती ने कहा कि “शंकराचार्य से सबूत मांगकर प्रशासन ने अपनी मर्यादा का उल्लंघन किया है।” उनके इस बयान के बाद मामला और अधिक तूल पकड़ता दिख रहा है।

इसी बीच विपक्षी दल इस पूरे घटनाक्रम को सरकार की प्रशासनिक विफलता से जोड़कर देख रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कुछ सामाजिक संगठनों द्वारा यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि संतों और ब्राह्मण समाज के अपमान के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, हालांकि सरकार की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है।

अपराध के बढ़ते आंकड़ों से भी जनता में नाराजगी

प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर भी जनता में असंतोष देखा जा रहा है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी वर्ष 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में कुल 62 लाख 41 हजार 569 अपराध दर्ज किए गए, जो वर्ष 2022 की तुलना में 7.2 प्रतिशत अधिक हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं के खिलाफ 4.48 लाख अपराध दर्ज हुए, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक हैं। दुष्कर्म के मामलों में राजस्थान पहले स्थान पर रहा (5,078 मामले), जबकि हत्या के मामलों में उत्तर प्रदेश 3,206 मामलों के साथ देश में शीर्ष पर रहा।

इसके अलावा, अपहरण और दहेज हत्या के मामलों में भी उत्तर प्रदेश और बिहार सबसे आगे बताए गए हैं। NCRB रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अपहरण के 16,663 और दहेज हत्या के 2,022 मामले दर्ज किए गए। सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में भी उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष पर है, जिससे यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।

दहेज अपराधों में चिंताजनक वृद्धि

दहेज से जुड़े अपराधों में वर्ष 2023 के दौरान 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान देशभर में 15,489 मामले दर्ज हुए, जिनमें 6,100 से अधिक महिलाओं की मौत हुई। इनमें से सबसे अधिक 7,151 मामले उत्तर प्रदेश से सामने आए।

धार्मिक स्थलों को लेकर भी असंतोष

धार्मिक स्थलों के प्रशासन को लेकर भी सरकार को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। बांके बिहारी मंदिर से जुड़े मामले में गोस्वामी समाज और मंदिर के सेवायतों ने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। सेवायतों का कहना है कि पूजा-पाठ कराने वाले पुजारियों को मंदिर के गर्भगृह से बाहर किया जा रहा है।

इस दौरान गोस्वामी समाज से जुड़े रजत गोस्वामी ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“हमारा मुख्यमंत्री जी के साथ किसी प्रकार का अभद्र व्यवहार करने का कोई विचार नहीं है, लेकिन हमें अनावश्यक रूप से दोषी ठहराया जा रहा है।”

चुनावी असर की अटकलें तेज

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शंकराचार्य प्रकरण, अपराध के बढ़ते आंकड़े और धार्मिक संगठनों की नाराजगी का असर आगामी चुनावों में भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। जहां एक ओर विपक्ष इन मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर हिंदुत्व के एजेंडे पर सत्ता में आई योगी सरकार को अपने पारंपरिक समर्थक वर्ग की नाराजगी का सामना करना पड़ता दिख रहा है।