मोरी पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने देहरादून से आरोपी को दबोचा, संवेदनशील मामले का किया त्वरित खुलासा
उत्तरकाशी, उत्तराखंड। नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के संवेदनशील मामले में उत्तरकाशी पुलिस ने तत्परता और बेहतर पुलिसिंग का परिचय देते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। मोरी पुलिस एवं एसओजी की संयुक्त टीम ने लगातार प्रयास करते हुए नाबालिग को देहरादून से सकुशल बरामद किया और मामले के आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया।
मामला 3 सितंबर 2026 का है, जब नाबालिग के परिजन ने थाना मोरी में उसके बिना बताए घर से चले जाने और वापस नहीं लौटने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया।
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय ने नाबालिग की जल्द से जल्द बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस एवं एसओजी की संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की गई।
पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट श्री चंचल शर्मा के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष मोरी श्री दीपक रावत के नेतृत्व में टीम ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मैनुअल पुलिसिंग के जरिए महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। पुलिस टीम की लगातार मेहनत और प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप 10 सितंबर 2026 को नालापानी चौक, देहरादून से नाबालिग को सकुशल बरामद किया गया।
पुलिस ने मामले में आरोपी नीरज कुमार (20 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, गवाहों एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में BNS की धारा 65(1) और पोक्सो अधिनियम की धारा 5(ठ) की बढ़ोतरी की गई है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है तथा मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
उत्तरकाशी पुलिस की कार्रवाई बनी मिसाल
संवेदनशील मामले में शिकायत मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई, तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल, सर्विलांस और जमीनी स्तर की पुलिसिंग के समन्वय से नाबालिग की सुरक्षित बरामदगी उत्तरकाशी पुलिस की प्रभावी और संवेदनशील कार्यशैली को दर्शाती है।
पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर स्पष्ट होता है कि उत्तराखंड पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
पुलिस टीम
- म0उ0नि0 संतोष भट्ट
- अ0उ0नि0 भगत राम नौटियाल
- कानि0 अजय रमोला
- कानि0 महिदेव चौहान
- एसओजी टीम




