पश्चिम बंगाल में फैली हिंसा पर मांगी रिपोर्ट

राम नवमी के अवसर पर पश्चिम बंगाल में भड़की हिंसा का मुद्दा अब बड़ा होता जा रहा है. केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार से इस पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है. हिंसा फैलने के बाद राज्य में जिस तरह की परिस्थिति बनी है उस पूरे मुद्दे पर केंद्र को ओर से रिपोर्ट तलब की गई है. इसके अलावा केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से कहा है कि अगर उन्हें पैरामिलिट्री फोर्स की जरूरत है, तो वह मुहैया करा सकती है.

गौरतलब है कि राम नवमी के अवसर पर पश्चिम बंगाल के रानीगंज इलाके में जुलूस को लेकर दो समूहों के बीच संघर्ष हुआ था. हिंसा के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तीसरे फ्रंट की रचना को लेकर अभी दिल्ली में कई नेताओं के साथ बैठकें कर रही हैं.

क्या हुआ था?

25 मार्च को रामनवमी के मौके पर जुलूस को लेकर बर्धमान जिले के रानीगंज इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी. हालात आगजनी और फायरिंग तक पहुंच गए थे, जिसमें एक व्यक्ति की मौत होने की बात सामने आई है. पुलिस ने अब तक हिंसा के आरोप में 19 लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं, पूरे सूबे में बीजेपी और उससे जुड़े हिंदुवादी संगठनों ने तलवार और दूसरे हथियारों के साथ रामनवमी का जुलूस निकाला गया था. केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी इस मुद्दे पर ममता सरकार पर जवाब मांगा है. सुप्रियो ने इस संबंध में ट्वीट किया और लिखा कि वह जिहादी सरकार को दिखा देंगे कि बंगाल की आत्मा अभी जिंदा है. उन्होंने ये भी कहा कि सोशल मीडिया पर सैकड़ों तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें से अगर 25 फीसदी भी सही निकलीं तो पता चलेगा कि हालात कितने खराब हैं. सुप्रियो ने इस संबंध में गृह मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात की है. आपको बता दें कि रामनवमी के अवसर पर सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं बल्कि बिहार में भी हिंसा हुई थी. बिहार के समस्तीपुर में भी दो गुट भिड़ गए थे. इसी के चलते भारी तादाद में पुलिस बल की तैनाती की गई. वहीं औरंगाबाद में भी रामनवमी की शोभायात्रा निकाले जाने के दौरान हिंसा हुई थी. अब हालात नियंत्रण में है लेकिन हालात की नजाकत को देखते हुए भारी पुलिस बल और तमाम आला अफसर अभी भी यहां डेरा डाले हुए हैं.