राज्यसभा में विदेश राज्य मंत्री ने दी सम्मेलन मंजूरी प्रणाली पर जानकारी

माननीय विदेश राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह जी ने आज राज्यसभा में सम्मेलन मंजूरी प्रणाली (कॉन्फ्रेंस क्लीयरेंस सिस्टम- CCS) से संबंधित प्रश्नों का उत्तर दिया। यह जानकारी माननीय सांसद श्री मदन राठौड़ द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न संख्या 65 के उत्तर में प्रदान की गई।
माननीय मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि यह स्वचालित, एकल-खिड़की वेब-आधारित पोर्टल विदेश मंत्रालय द्वारा मार्च 2025 में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य भारत में सरकारी या निजी संस्थाओं द्वारा आयोजित सम्मेलनों, सेमिनारों, कार्यशालाओं, खेल आयोजनों एवं अन्य कार्यक्रमों में भाग लेने वाले विदेशी नागरिकों को राजनीतिक मंजूरी प्रदान करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाना है।
उन्होंने बताया कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘डिजिटल इंडिया’ पहल के अनुरूप है तथा पूर्व में प्रचलित व्यवस्था की तुलना में प्रसंस्करण समय में उल्लेखनीय कमी ला चुका है। पोर्टल के माध्यम से आयोजक आवेदन की स्थिति की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, इंटरैक्टिव डैशबोर्ड के जरिए मंत्रालय आवश्यकतानुसार अतिरिक्त या अपूर्ण जानकारी शीघ्रता से प्राप्त करता है।
नई प्रणाली लागू होने के बाद औसत प्रसंस्करण समय में लगभग पांच से छह कार्यदिवसों की कमी आई है। सामान्यतः राजनीतिक मंजूरी तीन से पांच कार्यदिवसों के भीतर प्रदान की जाती है, हालांकि वास्तविक समयावधि प्रतिनिधियों की संख्या तथा उनके देशों की विविधता जैसे कारकों पर निर्भर करती है। प्रणाली में आंशिक मंजूरी (Partial Clearance) का भी प्रावधान है, जिसके अंतर्गत आवश्यक विवरण पूर्ण होने पर प्रत्येक विदेशी प्रतिनिधि को व्यक्तिगत रूप से मंजूरी दी जाती है।
माननीय मंत्री ने आगे जानकारी दी कि 30 जनवरी 2026 तक पोर्टल पर कुल 4,809 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 3,883 आवेदनों को पूर्ण मंजूरी, 407 को आंशिक मंजूरी प्रदान की गई, 141 आवेदन वापस ले लिए गए तथा 100 मामलों में मंजूरी नहीं दी गई। मार्च 2025 से अब तक कुल 22,857 विदेशी प्रतिनिधियों को राजनीतिक मंजूरी प्रदान की जा चुकी है। प्रश्न (क) से (घ) तक के विस्तृत विवरण सदन के पटल पर रख दिए गए हैं।