धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, 8 अहम फैसलों को मिली हरी झंडी

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक मंगलवार को सचिवालय में आयोजित की गई। सुबह 11 बजे शुरू हुई यह बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली, जिसमें राज्यहित से जुड़े कुल आठ महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक की शुरुआत में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान दुर्घटना में निधन पर मंत्रिमंडल ने गहरा शोक व्यक्त किया। दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इसके बाद एजेंडे में शामिल विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई नीतिगत निर्णय लिए गए।

कैबिनेट बैठक के प्रमुख निर्णय

• चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य कार्यकर्ता और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सेवा नियमावली-2026 को स्वीकृति प्रदान की गई।

• राजस्व विभाग के तहत राज्य में परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के स्थान पर आपसी सहमति से भूमि क्रय की प्रक्रिया तय करने का निर्णय लिया गया।

• उधम सिंह नगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान के रूप में विकसित करने हेतु सिडकुल को हस्तांतरित किए जाने से जुड़े शासनादेश में संशोधन को मंजूरी दी गई।

• जनजाति कल्याण विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए देहरादून, चमोली, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जैसे अनुसूचित जनजाति बहुल जिलों में विभागीय ढांचे के पुनर्गठन और आवश्यक पद सृजन को स्वीकृति दी गई।

• उत्तराखंड जनजाति कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा (संशोधन) नियमावली-2025 के प्रख्यापन को मंजूरी प्रदान की गई।

• राज्य में गैर-कृषि उपयोग के लिए भूजल निकासी पर जल मूल्य/प्रभार की दरें लागू करने का फैसला लिया गया।

• उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम-2023 में संशोधन करते हुए ‘जीआरडी उत्तराखंड’ नाम से निजी विश्वविद्यालय की स्थापना को कैबिनेट की मंजूरी मिली।

• गौचर और चिल्यालीसौड़ हवाई पट्टियों को भारतीय वायुसेना और उत्तराखंड सरकार के बीच सहमति के आधार पर संयुक्त नागरिक-सैन्य संचालन के लिए रक्षा मंत्रालय को एडवांस लैंडिंग ग्राउंड लीज मॉडल पर सौंपने का निर्णय लिया गया।

• राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई।

इन फैसलों को राज्य के औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना, जनजातीय कल्याण और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अहम कदम माना जा रहा है।