2024 में लोकसभा चुनाव होना है और बिहार के सीएम नीतीश कुमार विपक्षी एकता को एक करने के लिए लगे हैं… वह कई राज्यों के सीएम से मिल चुके हैं… उनकी मानें तो उन्हें विपक्षी नेताओं की ओर से सहमति भी मिल रही है… और बहुत जल्द विपक्षी एकता की बैठक भी हो सकती है… इन सबके बीच चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बड़ी भविष्यवाणी कर दी है… उन्होंने 40 दिन में दूसरी बार दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से मिलने पर नीतीश कुमार और आरजेडी पर तंज करते हुए कहा कि आज नीतीश कुमार क्या कर रहे हैं इस पर ज्यादा बोलने का कोई मतलब नहीं है… आज से पांच साल पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री थे चंद्रबाबू नायडू… वो इसी भूमिका में थे जिस भूमिका में आज नीतीश कुमार आने का प्रयास कर रहे हैं… आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू उस समय बहुमत की सरकार चला रहे थे जबकि नीतीश कुमार तो 42 विधायक के साथ आज लंगड़ी सरकार चला रहे हैं… प्रशांत किशोर ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू उस दौर में पूरे देश का दौरा करके विपक्ष को एकजुट कर रहे थे… इसका नतीजा ये हुआ कि आंध्र प्रदेश में उनके सांसद घटकर तीन हो गए, सिर्फ 23 विधायक जीते और वे सत्ता से ही बाहर हो गए… नीतीश कुमार को बिहार की चिंता करनी चाहिए… नीतीश कुमार का खुद का ठिकाना नहीं है… और जिस पार्टी का खुद का ठिकाना नहीं है वो देश की दूसरी पार्टियों को इकट्ठा कर रहा है… पीके ने अपने बयान में आगे कहा कि नीतीश कुमार पश्चिम बंगाल दौरे पर गए तो ये पूछना चाहिए कि क्या ममता बनर्जी कांग्रेस के साथ काम करने को तैयार हैं? क्या नीतीश कुमार और लालू टीएमसी को बिहार में एक भी सीट देने को तैयार हैं? आज क्या नीतीश कुमार हमसे ज्यादा ममता बनर्जी को जानते हैं? पश्चिम बंगाल में नीतीश कुमार को पूछता कौन है? आप मेरी बातों को लिखकर रख लीजिए नीतीश कुमार का भी वही हाल होगा जो चंद्रबाबू नायडू का हुआ था…
