बचपन से ही निस्वार्थ भाव से लोगो की सेवा करना जैसे उन्हें अपने पूर्वजों व परिवार से ही मिला हो, समय समय पर गरीब कन्याओं का विवाह हो या विधवा माताओ, बेरोजगार युवाओं को सरकार की कोई योजना का लाभ न मिल रहा हो उसके लिए हमेशा समाज मे कार्य करते रहते है, इसी कड़ी में उनके द्वारा संस्कृति को बचाने हेतु विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर कई कार्य किए जा रहे है, विभिन्न संस्थाओं की आर्थिक व अपने सुझावों द्वारा मदद करके गरीब बच्चो को शिक्षा, भोजन की व्यवस्था करवाते रहते है।
सन 2012 की एक घटना , खोडा गाज़ियाबाद में कुछ हथियार बंद बदमाश एक व्यापारी को लूट रहे थे निर्भीक, युवा आनन्द बल्लभ पांड़े ने अपनी जान की परवाह न करते हुए निहत्थे उनमे से एक बदमाश को मौके पर पकड़ लिया जिसकी चर्चा उस समय के सभी समाचार पत्रों, न्यूज चैनलों पर प्रकाशित हुईं। सरकार में कई केंद्रीय मंत्रियों द्धारा व विभिन्न मंत्रालयों द्धारा आनन्द बल्लभ पांड़े जी को समान्नित किया गया।
वर्ष 2020 विश्व में आई कोरोना त्रास्दी में रात दिन काम किया पीड़ित व्यक्तियों को अपनी गाड़ी से कोविड सेंटरों तक पहुंचाने का कार्य किया, कई जरूरतमंदो की राशन, दवाओं सनेटाईजर, पी पी किट, मास्क से मदद की एवं जिन लोगो को अपने गाँव जाने में दिक्कत हो रही थीं उनको तन मन धन से गॉव पहुचाने के लिए प्रयास किया जिससे कई हज़ारों लोगों की जान बच पाई।
कई परिवारों के व्यक्तियों की कोविड से हुई मृत्यु पर उनका दाहसंस्कार स्वयं के ख़र्चे पर करवाया। कोरोना काल मे रात दिन कार्य किया जिसे कई प्रतिष्ठित संस्थाओं ने कोरोना योद्धा से सम्मानित किया। आनंद पांडेय ने कहा आज न्यूज़ पेपर एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया द्वारा किये गए सम्मान के लिए मैं समस्त न्यूज़ पेपर एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया की ज्यूरी का धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने मुझे इस सम्मान के लिए चुना।





