माया ने बताया की 30 अप्रैल से 10 मई तक कथक नृत्य की वर्कशॉप आयोजित की जा रही ही हैं जो कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही रहेंगे। आजकल के जिस परिवेश में हम सब रह रहे हैं ,वहां जरूरी है कि महिलाएं शिक्षा के साथ-साथ खुद को सुरक्षित करने के लिए किसी कला का माध्यम चुने ।

आजकल देखने सुनने में आता है कि नृत्य मत सिखाओ आत्मरक्षा सिखाओ तो मेरा यह प्रश्न है कि क्या भारतीय संगीत और नृत्य आत्मरक्षा नहीं देते है? वह लड़ने की ताकत देते हैं मानसिक एवं शारीरिक और साथ ही साथ किसी भी परिस्थिति में आप को आत्मनिर्भर भी बनाते हैं तो क्या यह आत्म सुरक्षा नहीं है अगर आप भारतीय कला को एक प्रोफेशन की तरह से सीखते हैं एक अच्छे गुरु के पास जाते हैं और आपका लक्ष्य कुछ समय में ही समृद्धि हासिल करना नहीं होता तो वह माध्यम होता है जहां आप अपनी अलग पहचान बनाते हैं जोकि आम प्रोफेशन में नहीं होता है युवा माध्यम है जब आप अपनी भावनाओं को व्यक्त कर पाते हैं अपनी कला के माध्यम से, आप संसार की समझ को बढ़ाते हैं अपनी कला के माध्यम से, और साथ ही साथ आपकी पहचान बनती है और उसके साथ जो जिम्मेदारी आती है वह आप सुरक्षा की जिम्मेदारी है आज के परिवेश में हम सभी जिस तरह से आगे बढ़ रहे हैं वहां मानसिक बीमारियां तनाव, कुंठा यह सब जन्म लेती हैं ।
पर जब आप भारतीय कला संस्कृति को समझते हैं जानते हैं उसको सीखते हैं तो वह साधना बनती है वह साधना जिसको आप महसूस कर पाते हैं कि आप और उसे अलग है और वही आपको अपनी पहचान दिलवा दी है भारतीय कला क्योंकि 1 दिन में नहीं सीखी जा सकती उसको सीखने के लिए परिश्रम, साधना और लगन की जरूरत होती है जो कि एक सुंदर जीवन के लिए जरूरत है किसी भी प्रोफेशन में रातों-रात सफलता हासिल करना असंभव है यही भारतीय कला संस्कृति हमें सिखाती यही धैर्य जरूरी नहीं है कि आप पूर्णता अपने आप को संगीतकार बना ले नृत्य में आ जाए ,आप उसको अपने किसी भी करियर के साथ रख सकते हैं ।
क्योंकि वह एक साधना है जिसकी आपको जरूरत है, मानसिक शांति सुकून और साथ ही साथ आप इसको अपनी वित्तीय सुरक्षा के साथ भी जोड़ सकते हैं आप सिखा सकते हैं , आपकी आत्मा सुरक्षा का ही हिस्सा है
बताती है कि मेरे काफी सारे स्टूडेंट्स है जोकि समय अलग-अलग प्रोफेशन से थे अलग-अलग शहरों से थे देशों से थे और नृत्यम इंस्टीट्यूट आफ परफॉर्मिंग आर्ट्स के साथ जुड़े देखते ही देखते वह प्रदर्शन भी करने लगे और उन्होंने अपने फुल टाइम करियर के साथ इसको जोड़ लिया जैसे कि,
मथुरा से डॉ प्रत्या सिंह बताती है कि मेरे लिए दिल्ली नोएडा हर रोज आना संभव नहीं था और क्योंकि मैं खुद एक डॉक्टर हूं तो मुझे लगता नहीं था कि अब मैं अपने बचपन की इच्छा को पूरी कर पाऊंगी कोरोना के समय में हम सभी घरों में बंद थे घुटन थी तब मैंने ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से अपने आप को निखारा नृत्य शिक्षा ली जो कि मैं जीवन पर्यंत लेती रहूंगी और सीखने सिखाने का माध्यम से साधना की तरफ अग्रसर रहूंगी ।
मैंने महसूस किया की यह सिर्फ नृत्य नहीं है साधना है जिसको मैंने अपने प्रदर्शन के माध्यम से निखारा है ।
आज मैं काफी मंचों और नेशनल टेलीविजन पर प्रदर्शन दे चुकी हूं और मुझे इस साधना में अपने आप को निरंतर आगे बढ़ाना है।
डॉक्टर पूनम सिंह जोकि मथुरा से ही है वह भी कहती है कि मुझे लगता ही नहीं था कि मैं अब नृत्य सीख पाऊंगी क्योंकि जीवन संभावनाओं से भरा हुआ है ,यह मैंने नृत्य शिक्षा और प्रदर्शन के द्वारा जाना ।हम जब मंच पर जाते हैं तो उससे पहले कई दिन तक 8 से 10 घंटे की प्रैक्टिस करते हैं जो कि मुझे संभव ही नहीं लगती थी मैंने यह पहले ऑनलाइन सीखना शुरू किया और इसी को सीखते सीखते मैं प्रदर्शन के माध्यम तक पहुंचने लगी।
काशवी अग्रवाल कहती है कि मेरा 10th बोर्ड एग्जाम था अक्सर यह जाना जाता है कि बोर्ड एग्जाम में सिर्फ पढ़ाई करनी है पर कोरोना का समय था स्कूल नहीं जाना था ,कोशिश की अपने आप को किसी कला से जोडू, और मैंने महसूस किया कि जब मैंने नृत्य सीखा तो मेरी पढ़ाई में मेरी याददाश्त में मेरी ध्यान लगाने की शक्ति बढ़ी जिससे मेरा पढ़ाई में भी मन लगने लगा है ।तो यह जरूरी नहीं है कि शिक्षा पूरी करने के लिए अच्छी शिक्षा के लिए आप कहीं और ध्यान नहीं दे सकते ,कला नहीं सीख सकते।
माया कुलश्रेष्ठ कहती है कि यह वही उदाहरण है जो भविष्य में सिद्ध करेंगे की भारतीय संस्कृति भारतीय कलाएं किस तरह से आप सुरक्षा आत्मबल देती हैं क्योंकि एक सच्चा कलाकार अपने आप को सुरक्षित करना भी जानता है चाहे वह सुरक्षा वित्तीय हो या शारीरिक या मानसिक व सभी कसौटी पर खरा उतरता है और मुझे लगता है युवाओं को इसको ज्यादा से ज्यादा सीखना और जाना चाहिए का सम्मान करना चाहिए इसीलिए यह वर्कशॉप रखी जा रही है जो कि ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क और पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में है यह फ्री है इनका रजिस्ट्रेशन इस नंबर पर 8979681312 करा सकते हैं।



