रमन साइन्स एण्ड टैक्नौलॉजी फाउण्डेशन ने भी सराहा हेमंत चौकियाल के छात्रों और नवाचारों को

रूद्रप्रयाग। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच पैदा करते हुए भावी पीढ़ी का सृजन वैज्ञानिक तरीके से करने के कार्य में पिछले तीन दशकों से संलग्न रूद्रप्रयाग जिले के शिक्षक हेमंत चौकियाल के नवाचारों को रमन साइन्स एवं टैक्नौलॉजी फाउण्डेशन ने भी सराहा है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर नेशनल काउन्सिल ऑफ इंडिया ने उन्हें देश में तीसरे स्थान पर रहने का सर्टिफिकेट वर्चुअली प्रदान किया। एन सी टी एस के सचिव सन्दीप डी पाटिल ने श्री चौकियाल द्वारा शिक्षण के क्षेत्र में किए गये अभिनव प्रयासों का जिक्र करते हुए उनका धन्यवाद किया है। बच्चों और समाज के बीच विज्ञान को जानने /समझने और उसके प्रचार-प्रसार में विगत तीन दशकों से लगे श्री चौकियाल अब तक कई नन्हे बाल वैज्ञानिकों के मार्गदर्शक शिक्षक के रूप में, विज्ञान की कई प्रतियोगिताओं में सफलता अर्जित कर चुके हैं। उनके छात्र रोहित रौतेला ने नदी घाटों पर पानी के ऊपर तैरते कूड़े-करकट को नदी के जल से पृथक करने के लिए उत्प्लावन के सिद्धांत पर आधारित एक संयन्त्र को इजाद किया, जिसे विज्ञान महोत्सव की राष्ट्रीय प्रतियोगिता अहमदाबाद में खूब सराहा गया। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कलियासौड़ नामक स्थान पर होने वाले भूस्खलन के लिए उनकी छात्रा आस्था भट्ट और शालिनी ने एक संयन्त्र का विकास किया जिसे रूद्रप्रयाग के पूर्व जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल द्वारा बहुत सराहा गया था। आस्था भट्ट ने ही सड़क सुरक्षा में चुम्बकों का अनुप्रयोग का भी एक कार्यकारी मॉडल पेश किया था। छात्रा शालिनी ने प्रस्तावित रिशिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे मार्ग में ध्यान में रखी जाने वाली नौ सावधानियाँ प्रस्तुत कर रेलवे मार्ग निर्माण में लगे इंजीनियरों को भी प्रभावित किया। छात्रा आँचल ने गर्ल/ओमन चाइल्ड फैन्ड्रली ट्वाइलेट का कार्यकारी मॉडल प्रस्तुत किया, जिसे 8से 11फरवरी 2022 के मध्य 47वीं जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया । इस मॉडल में आँचल ने महिलाओं और बालिकाओं की सैनेटरी प्राब्लम और सैनेटरी अपशिष्ट के निस्तारण की विधि प्रस्तुत की है। श्री चौकियाल के कई छात्रों के प्रोजेक्ट को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की पत्र/पत्रिकाओं में स्थान मिल चुका है। स्वयं श्री चौकियाल भी विज्ञान की कई पत्र/पत्रिकाओं के सम्पादन मण्डल के सदस्य रह चुके हैं। देश के विज्ञान शिक्षकों को दिए जाने वाले इस प्रतिष्ठित साराभाई टीचर साइन्टिस्ट पुरस्कार में हेमंत चौकियाल ने तीसरा स्थान हासिल करते हुए जनपद और राज्य को गौरवान्वित किया है। इस पुरस्कार में उन्हें गोल्ड मेडल के साथ प्रशस्ति पत्र, और दो हजार रूपये के पुरस्कार के साथ नेशनल काउन्सिंलिग ऑफ टीचर साइन्टिस्ट की फैलोशिप भी प्रदान की गई है। इस सम्मान से नवाजे जाने वाले वे उत्तर भारत के अकेले शिक्षक हैं।इससे पूर्व 4फरवरी को एन सी टी एस के चेयरमैन डॉ० चन्द्रमौली जोशी और एन सी टी एस के राष्ट्रीय सचिव सन्दीप डी पाटिल ने उन्हें अपने हस्ताक्षर युक्त प्रशस्ति पत्र और गोल्ड मैडल डाक से प्रदान किया था। जिले के तीनों विकास खण्डों में कार्य कर चुके हेमंत चौकियाल वर्तमान में अगस्त्यमुनि विकास खण्ड के रा०उ०प्रा०वि० डाँगी गुनाऊँ में कार्यरत हैं।