अंतर्राष्ट्रीय आर्ट ऑफ़ गिविंग का चौथा सालाना जलसा आयोजित

१५० से भी अधिक जगहों पर इंटरनेशनल आर्ट ऑफ़ गिविंग(AOG) दिवस समारोह मनाया गया|

भारत के अनेक राज्यों में भी इसकी बहुत चहल पहल दिखी| दिल्ली के NDMC कन्वेंशन सेंटर में

भी इसकी चौथी सालगिरह का आयोजन किया गया जहाँ लगभग ३०० से भी अधिक आर्ट ऑफ़

गिविंग प्रशंसक इस समारोह में शामिल हुए| आर्ट ऑफ़ गिविंग हर व्यक्ति के जीवन को सुधारने

के लिए सदैव तत्पर व् प्रतिबद्ध है| चाहे वो शिक्षा का क्षेत्र हो या चिकित्सा का, खेल कूद

का क्षेत्र हो या किसी वैज्ञानिक शोध का, धर्म का काम हो या जागरूकता फैलाने का AOG

पिछले ४ वर्षो से निरंतर कार्यरत है| इसका जीता जागता उदहारण है की आज हज़ारों की

तादात में लोग AOG से जुड़ना चाहते हैं|

गौरतलब है की AOG की शुरुआत डॉ अच्युता सामंता, संस्थापक KIIT यूनिवर्सिटी एवं

KISS भुबनेश्वर, ने १७ मई २०१३ में लोगों का भविष्य सुधारने व् सवारने के उद्देश्य के

साथ की | निस्वार्थ भाव से समाज के लिए कार्य करने की प्रेरणा बचपन से ही मन में अटल

थी जिसकी वजह से सन १९९२ से १२५ आदिवासी बच्चों के साथ उन्होंने कलिंगा इंस्टिट्यूट

ऑफ़ सोशल साइंसेज की शुरुआत की और आज इस संस्थान में ३५,००० से भी अधिक बच्चे

K.G. से P.G. तक पूर्ण रूप से निशुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहें हैं| आज यह विश्व का सबसे

बड़ा निशुल्क आवासीय आदिवासी संस्थान बन गया है| इसी के मद्देनज़र दिल्ली के

नजफगढ़ इलाके में भी इसी मॉडल के साथ आवासीय विद्यालय की स्थापना सन २०१३ में

दिल्ली के गरीब व् वंचित बच्चों के लिए की|

भुबनेश्वर के एक निज़ीहोटल से १७ मई को साइकिलरैली को हरी झंडी दिखाकर कीट-कीस के

संस्थापक डॉ अच्युता सामंत के जीवन दर्शन “अंतर्राष्ट्रीय आर्ट ऑफ़ गिविंग” का चौता

सालाना जलसा शुरू हुआ| करीब १००० लोगो मने इस साइकिल रैली में भाग लिया जिनमे

ओडिशा के जाने माने एक्टर भी थे |

इस साल AOG की थीम समाज में पर्यावरण को लेकर जागरूकता फ़ैलाने को लेकर थी

जिसमे दिल्ली के विशिष्ट विशेषज्ञों जिनमे डॉ बी. सी. साबत, वैज्ञानिक, पर्यावरण मंत्रालय

दिल्ली सरकार, प्रोफेसर चिंतामणि महापात्र, रेक्टर, जे.एन.यू. व् अर्जुन निराला, वरिष्ट

समाचार पत्रकार एवं वरिष्ट समन्वयक, अमर उजाला फाउंडेशन ने आकर सभा को संबोधित

किया | कुमकुम शर्मा, मुख्य प्रबंधक अधिकारी, के.आई.एस.एस., दिल्ली ने इस अवसर पर

कहा कि यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है की समाज में हम पर्यावरण के लिए लोगों को

जागरूक करें और एक बेहतर स्वच्छ भारत की नीवं रखें|